📚 हिंदी साहित्य
सवाल, जवाब और समझाइश — एक जगह
14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा बनाया गया।
हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है।
संस्कृत रामायण महर्षि वाल्मीकि ने लिखी।
तुलसीदास ने अवधी में रामचरितमानस लिखी।
महाभारत महर्षि वेदव्यास की रचना है।
कबीर अपने दोहों के लिए मशहूर हैं।
दोहे में दो पंक्तियाँ होती हैं।
चौपाई में चार चरण होते हैं।
गोदान प्रेमचंद का अंतिम पूरा उपन्यास है।
प्रेमचंद का असली नाम धनपत राय श्रीवास्तव था।
कामायनी जयशंकर प्रसाद का महाकाव्य है।
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला उनका पूरा नाम है।
मधुशाला हरिवंश राय बच्चन की रचना है।
रश्मिरथी दिनकर का प्रसिद्ध खंडकाव्य है।
महादेवी वर्मा को आधुनिक मीरा कहा जाता है।
दिनकर को राष्ट्रकवि कहा जाता है।
सूरदास कृष्ण भक्ति के कवि थे।
मीराबाई कृष्ण की परम भक्त थीं।
हिंदी व्याकरण में आठ कारक माने जाते हैं।
हिंदी में संज्ञा के पाँच भेद माने जाते हैं।
आदिकाल हिंदी साहित्य का पहला युग है।
भक्तिकाल सगुण और निर्गुण धाराओं में बँटा है।
कबीर निर्गुण भक्ति धारा के कवि थे।
ये चारों छायावाद के प्रमुख कवि माने जाते हैं।
किशोरीलाल गोस्वामी की इंदुमती को पहली हिंदी कहानी माना जाता है।
उसने कहा था गुलेरी जी की प्रसिद्ध कहानी है।
उदंत मार्तंड 1826 में कलकत्ता से निकला।
महावीर प्रसाद द्विवेदी सरस्वती के संपादक थे।
भारतेंदु को आधुनिक हिंदी साहित्य का जनक कहा जाता है।
जो शब्द ज्यों के त्यों संस्कृत से आए वे तत्सम हैं।
संस्कृत से रूप बदलकर आए शब्द तद्भव कहलाते हैं।
देवकीनंदन खत्री का तिलिस्मी उपन्यास है।
पंत को 1968 में चिदंबरा के लिए ज्ञानपीठ मिला।
ज्ञानपीठ पुरस्कार 1965 से दिया जा रहा है।
साहित्य अकादमी 1954 में बनी।
दोनों प्रेमचंद के उपन्यास हैं।
अज्ञेय का यह प्रसिद्ध उपन्यास है।
मैला आँचल आंचलिक उपन्यास की मिसाल है।